– प्रभारी मंत्री के सामने हुईं शिकायत पर डीएम नें दिया था जाँच का आदेश
– दोषी पाए गए प्रधान-सचिव पर अब तक नहीं कोई कार्यवाही
फर्रुखाबाद। प्रभारी मंत्री के सामने हुईं शिकायत और हुईं जाँच के बाद भी आज तक दोषी प्रधान और ग्राम सचिव पर कार्यवाही ठन्डे बस्ते मे है।
बीते दिनों जनपद भ्रमण पर आए प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह के सामने विकासखंड कमालगंज की ग्राम पंचायत नसरतपुर, नगला दाऊद और गौसपुर में वित्तीय एवं विकास कार्यों की अनियमितताओं की शिकायत की गईं थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री के आदेश पर डीएम डॉ अंकुर लाठर ने जांच की जिम्मेदारी परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास कपिल कुमार को सौंपी थी। सूत्र बताते हैं कि जांच प्रक्रिया के बाद मामला अधिकारियों के बीच ही उलझता दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार परियोजना निदेशक ने जांच पूरी कर जिला विकास अधिकारी को सौंप दी है। जब इस संबंध में जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी से बात की गई तो उन्होंने जांच परियोजना निदेशक द्वारा किए जाने की बात कही। अधिकारियों के इस विरोधाभासी रवैये ने पूरे मामले पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी हुईं है कि परियोजना निदेशक कपिल कुमार ने जांच में ग्राम प्रधान और संबंधित ग्राम पंचायत सचिव प्रदीप यादव के खिलाफ गंभीर अनियमितताएं पाए जाने की पुष्टि की है।
बताया जा रहा है कि जांच में वित्तीय गड़बड़ियों समेत कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। इसके बावजूद अब तक न तो किसी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई और न ही कोई कार्यवाही हुईं है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जांच में दोषी चिन्हित किए जा चुके हैं तो आखिर कार्रवाई किसके इंतजार में रोकी गई है। क्या जिम्मेदार अधिकारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है या फिर फाइलों में मामला दबाकर समय बिताने की कोशिश की जा रही है? यह चर्चा गांव से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक बनी हुई है।इसी बीच सरकार ने एक बार फिर जनपद का प्रभार मंत्री जयवीर सिंह को सौंप दिया है और अगले सप्ताह उनका जनपद दौरा संभावित है।वही पीडी कपिल कुमार ने बताया कि संबंधित सचिव ग्राम विकास अधिकारी है इसलिए जांच पूर्ण कर पत्रावली जिला विकास अधिकारी को सौप दी गयी है।


