चेन्नई। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने शनिवार को चेन्नई में नीट परीक्षा से प्रभावित छात्रों और जान गंवाने वाले विद्यार्थियों के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की जरूरत नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।”
राहुल गांधी ने कहा कि NEET पेपर लीक के बाद न तो प्रधानमंत्री प्रभावित परिवारों से मिले और न ही उन छात्रों से बातचीत की जिनका भविष्य इस विवाद से प्रभावित हुआ। उनका बयान प्रधानमंत्री के उस वीडियो संदेश के बाद आया, जिसमें उन्होंने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले बच्चों को “माफ” करने की बात कही थी।
चेन्नई दौरे के दौरान राहुल गांधी ने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन के जरिए तमिलनाडु की राजनीतिक हिस्सेदारी कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो भी परिसीमन का समर्थन करेगा, वह तमिलनाडु के हितों के साथ विश्वासघात करेगा।
राहुल गांधी ने छात्रों और अभिभावकों से शिक्षा व्यवस्था, पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की। उनके इस दौरे और बयानों के बाद NEET और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया।


