लखनऊ: संसद परिसर में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर किए गए सांकेतिक प्रदर्शन के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। शनिवार को वाराणसी में कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी , निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और सपा सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। शिकायत पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक दास की ओर से दी गई है।
इस बीच लखनऊ, वाराणसी और मथुरा सहित कई शहरों में विभिन्न हिंदू संगठनों और संत समाज ने प्रदर्शन किए। लखनऊ में एक संगठन ने पप्पू यादव की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली, पुतला दहन किया और उनके खिलाफ तीखी नाराजगी जताई। इसी दौरान संगठन के कुछ पदाधिकारियों की ओर से पप्पू यादव के सिर पर इनाम घोषित करने जैसे विवादित बयान भी दिए गए।
विवाद की शुरुआत शुक्रवार को संसद परिसर में हुए उस सांकेतिक प्रदर्शन से हुई, जिसमें पप्पू यादव पुजारी के वेश में दानपेटी लेकर पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई सांसदों ने दानपेटी में सांकेतिक रूप से चंदा डाला और बाद में ‘चोरी पकड़े जाने’ का नाटकीय दृश्य प्रस्तुत किया। विपक्ष का कहना था कि यह प्रदर्शन राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर था, जबकि संत समाज और भाजपा ने इसे सनातन परंपरा एवं साधु-संतों का अपमान बताया है।
भाजपा नेताओं ने मामले की जांच का हवाला देते हुए विपक्ष पर राजनीतिक नाटक करने का आरोप लगाया है। वहीं संत समाज ने संबंधित सांसदों से सार्वजनिक माफी की मांग करते हुए संसद की गरिमा और धार्मिक भावनाओं के सम्मान का मुद्दा उठाया है। दूसरी ओर, इनाम घोषित करने और हिंसा संबंधी बयानों की भी व्यापक आलोचना हो रही है, क्योंकि ऐसे बयान कानून के दायरे में गंभीर माने जाते हैं।


