कन्नौज। भारत की इत्र राजधानी कन्नौज की तुलना अक्सर फ्रांस के प्रसिद्ध शहर ग्रास से की जाती है, जिसे दुनिया का परफ्यूम हब माना जाता है। हालांकि, कन्नौज में प्राकृतिक इत्र बनाने की सदियों पुरानी पारंपरिक ‘डेग-भपका’ विधि इसे अलग पहचान देती है। इस विधि की खासियत यह है कि इसमें इत्र निर्माण की हर प्रक्रिया अपने आप में एक कला है। इसका अनुभव कन्नौज आने वाले पर्यटकों को खासा आकर्षित करता है।
देश-दुनिया से पर्यटक यहां पहुंचकर इत्र बनाने की इस सदियों पुरानी पारंपरिक कला को करीब से देखते और समझते हैं। वर्ष 2014 में कन्नौज के इत्र को जीआई टैग मिला। पर्यटन विभाग ने लंदन वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट, इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर सहित खाड़ी और यूरोपीय देशों के व्यापार मेलों में इसकी विरासत को प्रदर्शित कर वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया है।


