फतेहपुर जिले के बिंदकी थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय धोखाधड़ी गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी दस्तावेजों और नकली नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर ट्रांसपोर्ट के जरिए भेजे जाने वाले माल को हड़पने का काम करता था। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
मामले की शुरुआत 31 मार्च 2025 को दर्ज एक केस से हुई थी, जिसमें मेसर्स उमाशंकर मिल्स के गोदाम से लगभग 300 कुंतल चावल, जिसकी कीमत करीब 8.14 लाख रुपये बताई गई है, बिहार भेजा जाना था। लेकिन माल लेकर निकला ट्रक चालक बीच रास्ते में ही गायब हो गया और उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।
जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से अहम सूचना मिली, जिसके आधार पर गुरुवार को कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान बिहार निवासी राजेंद्र कुमार, इंद्रदेव कुमार उर्फ गणेश कुमार और रामानुज कुमार के रूप में हुई है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त ट्रक के साथ-साथ भारी मात्रा में संदिग्ध सामान और दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें 80,500 रुपये नकद, 9 आधार कार्ड, 6 पैन कार्ड, 2 आरसी, वाहन परमिट, 3 एटीएम कार्ड, 6 मोबाइल फोन, 3 सिम कार्ड, 4 चेकबुक, एक फास्टैग, 2 पासबुक और कई अन्य बिल्टी दस्तावेज शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं। यह गिरोह ट्रांसपोर्टरों से संपर्क कर फर्जी पहचान और नकली कागजात के जरिए माल लोड कराता था और फिर उसे रास्ते में ही गायब कर देता था। बाद में चोरी किए गए माल को सस्ते दामों पर बेचकर रकम आपस में बांट ली जाती थी।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ अन्य गंभीर धाराएं भी जोड़ी गई हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।


