नई दिल्ली: भारत में फर्जी और अवैध लोन ऐप्स के खिलाफ भारत सरकार (Indian government) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने Google को तीन खतरनाक लोन ऐप्स को Play Store से हटाने का निर्देश दिया। इन ऐप्स पर यूजर्स को तुरंत लोन देने का झांसा देकर उनका निजी और संवेदनशील डेटा चुराने का आरोप है। इतिहास
I4C की थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने Play Store पर मौजूद इन ऐप्स की पहचान की थी। नोटिस मिलने के करीब तीन घंटे के भीतर Google ने तीनों ऐप्स को Play Store से हटा दिया।
कौन-कौन से ऐप्स हटाए गए?
सरकार की जांच में जिन तीन ऐप्स को खतरनाक पाया गया, उनके नाम हैं:
Horizon Cash Service
Money Score Monitor
Zelicredit
ये ऐप्स कम ब्याज दर और बिना ज्यादा कागजी कार्रवाई के तुरंत लोन देने का दावा करते थे।
जांच के मुताबिक, इन ऐप्स को मोबाइल में इंस्टॉल करने के बाद यूजर्स से कई तरह की परमिशन मांगी जाती थी। इसके जरिए फोन में मौजूद निजी जानकारी तक पहुंच हासिल करने की कोशिश की जाती थी।
इसमें पहचान से जुड़ी जानकारी, बैंक डिटेल्स, कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो और कैमरे का एक्सेस शामिल बताया गया है। आरोप है कि चुराए गए डेटा का इस्तेमाल यूजर्स को डराने, ब्लैकमेल करने और पैसे वसूलने के लिए किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि ये संदिग्ध ऐप्स डिजिटल विज्ञापनों के जरिए लोगों तक पहुंच रहे थे। आकर्षक लोन ऑफर देखकर यूजर्स इन्हें डाउनलोड कर लेते थे। I4C के मुताबिक, इस तरह के साइबर अपराध नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम कर सकते हैं और भारतीय यूजर्स को निशाना बना सकते हैं।
फर्जी लोन ऐप्स के खिलाफ अगस्त में यह I4C की दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले 7 अगस्त को छह अन्य संदिग्ध लोन ऐप्स को हटाने के निर्देश दिए गए थे। इनमें LoanOrbit, Hisab, Nexus Loan, One Fund, Credit Factor और Mobile Credit Prairie शामिल थे। इन ऐप्स पर भी कम ब्याज पर तुरंत लोन देने का झांसा देने, यूजर्स का डेटा हासिल करने और ज्यादा ब्याज वसूलने जैसे आरोप लगाए गए थे।
I4C की कार्रवाई सिर्फ लोन ऐप्स तक सीमित नहीं है। साइबर एजेंसियां संदिग्ध वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी नजर रख रही हैं। इस महीने Google के Firebase प्लेटफॉर्म पर होस्ट की गई 57 से ज्यादा संदिग्ध वेबसाइटों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इन पर मालवेयर फैलाने और वित्तीय जानकारी चुराने जैसे साइबर खतरों से जुड़े होने का संदेह था।
ऑनलाइन लोन लेने से पहले ऐप की विश्वसनीयता जरूर जांचें। लोन के लिए हमेशा RBI से जुड़े और अधिकृत बैंक या NBFC के आधिकारिक ऐप का इस्तेमाल करना बेहतर है। अगर कोई लोन ऐप जरूरत से ज्यादा परमिशन मांगता है, खासकर कॉन्टैक्ट्स, फोटो गैलरी या कैमरे का एक्सेस, तो सावधान रहें। संदिग्ध ऐप को डाउनलोड करने से बचें और पहले उसकी कंपनी व लोन देने वाली संस्था की जानकारी जांच लें।


