शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने की आस लिए 90 वर्षीय बुजुर्ग किसान सोमवार को लकड़ी के सहारे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। कांट थाना क्षेत्र के रहने वाले ओंकार सिंह की झुकी कमर, कांपते कदम और आंखों में छलकता दर्द देखकर वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे। ओंकार सिंह का आरोप है कि पात्र होने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार तहसील और संबंधित विभागों में शिकायत करने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। थक-हारकर उन्हें अपनी फरियाद लेकर खुद जिला मुख्यालय पहुंचना पड़ा। सोमवार को तेज धूप के बीच बुजुर्ग किसान लकड़ी के सहारे कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों से अपनी समस्या बताई। उन्होंने मांग की कि उनकी पात्रता की जांच कर उन्हें योजना का लाभ दिलाया जाए। बुजुर्ग किसान की व्यथा ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार की ओर से तहसील और थाना स्तर पर नियमित समाधान दिवस आयोजित किए जाते हैं, जहां लोगों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण का दावा किया जाता है। इसके बावजूद 90 वर्षीय किसान को अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचना पड़ा। सबसे भावुक पल तब आया, जब ओंकार सिंह से पूछा गया कि परिवार का कोई सदस्य उनके साथ क्यों नहीं आया। यह सुनते ही उनकी आंखें भर आईं। रुंधे गले से उन्होंने कहा, “बेटा, समय का मारा हूं। मेरे चार बेटे और आठ पोते हैं, लेकिन आज कोई साथ नहीं है। सब पैसे के साथी हैं, हमारा कोई नहीं है, इसलिए अकेले ही आना पड़ा।बुजुर्ग किसान के ये शब्द सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर कब तक ओंकार सिंह की समस्या का समाधान होता है और उन्हें किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल पाता है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पाने की आस लिए 90 वर्षीय बुजुर्ग किसान सोमवार को लकड़ी के सहारे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा


