प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए रामपुर विकास प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह याचिका पोषणीय नहीं है, इसलिए इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ कमिश्नर कोर्ट से पहले ही अंतरिम रोक (स्टे) मिल चुकी है।
अदालत ने माना कि जब संबंधित मामले में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कार्यवाही लंबित है और अंतरिम राहत पहले से प्रभावी है, तो इस स्तर पर हाईकोर्ट में हस्तक्षेप का औचित्य नहीं बनता। इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी गई।
यह याचिका मौलाना अली जौहर ट्रस्ट एवं अन्य की ओर से दायर की गई थी, जिसमें रामपुर विकास प्राधिकरण के ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती दी गई थी। अब मामले की आगे की सुनवाई संबंधित प्राधिकरण के समक्ष जारी रहेगी।


