एमपी के 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से बाढ़ और जलभराव के हालात गंभीर होते जा रहे हैं। बिहार के भागलपुर में बुधवार को गंगा नदी में 21 मजदूरों से भरी नाव पलट गई। हादसे के बाद 20 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि एक मजदूर की तलाश जारी है।
उत्तर प्रदेश में बारिश से नदियां और बांध उफान पर हैं। चंदौली में मूसाखांड और लतीफशाह बांध ओवरफ्लो होने के बाद गेट खोल दिए गए। लखीमपुर में शारदा नदी पर बने तमोलिन पुरवा बांध का हिस्सा कट गया। कानपुर में कई कॉलोनियों और घरों में पानी घुस गया। महोबा में बारिश के बीच मकान गिरने से बुजुर्ग दंपती की मौत हो गई।
वाराणसी में भारी जलभराव के कारण बीएचयू अस्पताल परिसर तक पानी पहुंच गया। मरीजों और तीमारदारों को घुटनों तक पानी के बीच आवाजाही करनी पड़ी। उधर, झारखंड के बोकारो में तेनुघाट डैम के पांच गेट खोले गए हैं, जिससे दामोदर नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका है।
मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भोपाल, उज्जैन, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर बिहार पर भी पड़ने की आशंका है। गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने की चेतावनी के बाद नदी किनारे के इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। नाव चालकों को भी नदी से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में पब्बर नदी के तेज बहाव में दो 16 वर्षीय किशोर बह गए, जबकि उत्तराखंड में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित हुई है। राजस्थान, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भी भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
लगातार बारिश के बीच प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और नदी-नालों के पास नहीं जाने की अपील की है।


