हनुमान ट्रस्ट की जमीन पर युवक की मौत, कई गंभीर सवाल
फर्रुखाबाद। थाना मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के अर्राह पहाड़पुर में करंटयुक्त तार की चपेट में आकर अधेड़ की मौत के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। यह घटना हादसा थी या सुनियोजित हत्या इसको लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रथम दृस्टया जांच में सामने आया है कि घटनास्थल पर लगे तार झटका मशीन से जुड़े हुए थे। यह मशीन पहले से ही करीब तीन दिन से खराब बताई जा रही है। सामान्यतः झटका मशीन से केवल 12 वोल्ट का करंट निकलता है, जिससे मौत होना संदेह के घेरे में है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि
क्या मशीन के अलावा किसी अन्य स्रोत से हाई वोल्टेज करंट छोड़ा गया? और करंट छोड़ने के पीछे किसका लाभ है।
या फिर यह मामला महज हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई लापरवाही या हत्या है?
हनुमान ट्रस्ट की 65 बीघा जमीन का पूरा मामला
जानकारों के अनुसार यह जमीन हनुमान ट्रस्ट की है। ट्रस्ट की कुल 65 बीघा जमीन में से 10 बीघा में हनुमान जी विराजमान हैं,जबकि 55 बीघा कृषि योग्य जमीन मंदिर के खर्च और संचालन के लिए दी जाती है।
इस जमीन के वास्तविक मालिक अहमदाबाद में निवास करते हैं। ट्रस्ट की देखरेख के लिए उन्होंने एकलव्य पुत्र रामलाल, निवासी बहादुरगंज, थाना मऊ दरवाजा को अधिकृत कर रखा है।
बता दें कि यह जमीन लंबे समय तक माफिया अनुपम दुबे और उसके परिजनों के कब्जे में रही। आरोप है कि अनुपम दुबे ने कई अधिकारियों के फर्जी आदेश तैयार कराकर और चढ़ावा देकर इस ट्रस्ट की जमीन पर कब्जा कर लिया था।इस फर्जीवाड़े के खिलाफ ट्रस्ट के सर्वराकार एकलव्य ने संबंधित न्यायालय में मुकदमा दायर किया था।
15 दिन पहले एकलव्य ने जीता मुकदमा
महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि करीब 15 दिन पहले चकबंदी अधिकारी अंतिम अभिलेख न्यायालय में यह मुकदमा एकलव्य के पक्ष में निस्तारित हुआ था।
जिन अधिकारियों के नाम पर फर्जी आदेश दिखाकर जमीन हड़पी गई थी,उन्हीं अधिकारियों ने न्यायालय में उपस्थित होकर बयान दिया कि आदेश की तारीख पर उनकी तैनाती जनपद में थी ही नहीं।
इसके बाद न्यायालय के आदेश पर जमीन फिर से हनुमान ट्रस्ट में निहित कर दी गई।
न्यायालय के आदेश के क्रम में अब माफिया अनुपम दुबे और उसके भाइयों के खिलाफ जालसाजी का एक और मुकदमा दर्ज होने की तैयारी चल रही है। इसी बीच खेत में करंट लगाकर फसल की रखवाली और युवक की मौत ने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है।
अब पुलिस के सामने मुख्य सवाल यह है कि 12 वोल्ट की झटका मशीन से मौत कैसे हुई?क्या करंट जानबूझकर बढ़ाया गया?
जमीन विवाद के चलते युवक की मौत को अंजाम तो नहीं दिया गया?
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। मृतक के परिजन इसे सीधी हत्या मानते हुए दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।





