– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे शुभारंभ
– 20 सितंबर तक लखनऊ विश्वविद्यालय में चलेगा आयोजन
– 250 पुस्तक स्टॉल पर हजारों किताबों का संसार
लखनऊ। किताबों और साहित्य के शौकीनों के लिए राजधानी में एक बार फिर ज्ञान, साहित्य और संस्कृति का बड़ा उत्सव सजने जा रहा है। पांचवां गोमती पुस्तक महोत्सव 12 से 20 सितंबर तक लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित होगा। महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
महोत्सव में देशभर के प्रकाशकों के साथ लेखक, साहित्यकार, विद्वान, कलाकार और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। आयोजन में करीब 250 पुस्तक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां 121 प्रकाशकों की हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकें पाठकों के लिए उपलब्ध रहेंगी।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत की ओर से उत्तर प्रदेश सरकार और लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में सिर्फ किताबों की बिक्री ही नहीं होगी, बल्कि साहित्य, संस्कृति, ज्ञान और तकनीक से जुड़े विषयों पर भी संवाद होंगे।
महिला अस्मिता, युवा साहित्य, सतत विकास, अनुवाद, लोककथाएं, विरासत, अंतरिक्ष, विज्ञान, आध्यात्मिकता और समकालीन पत्रकारिता जैसे विषयों पर लेखकों और विशेषज्ञों के साथ परिचर्चाएं होंगी।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक युवराज मलिक ने कहा कि गोमती पुस्तक महोत्सव का पांचवां संस्करण इस बात का प्रमाण है कि यह आयोजन अब लखनऊ के प्रमुख वार्षिक साहित्यिक आयोजनों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि अच्छे नागरिक और मजबूत समाज के निर्माण का आधार भी हैं।
महोत्सव में बच्चों और युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ‘बाल मंडप’ में कठपुतली नाटक, कहानी सुनाने, वैदिक गणित, मिट्टी कला, पोस्टर निर्माण, सुलेख, कविता पाठ, मंडला कला और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां होंगी।
चित्रकला और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के साथ बच्चों के लिए भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ विशेष संवाद भी आयोजित किया जाएगा।
महोत्सव के विभिन्न सत्रों में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, लोकगायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शांतनु गुप्ता और पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह समेत कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी।
इन सत्रों में साहित्यिक विरासत, किशोर साहित्य, अनुवाद, पुस्तक चर्चा और बदलते समय में पत्रकारिता जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा।
गोमती पुस्तक महोत्सव की शामें भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गुलजार रहेंगी। पारस बैंड की प्रस्तुति, कथक, सुगम संगीत, मुशायरा, लोक प्रस्तुतियां और नाट्य कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होंगे।
बिरजू महाराज कथक संस्थान की ओर से ‘रघुवंशम्’ कथक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। भारतेन्दु नाट्य अकादमी की नाट्य प्रस्तुति के साथ बेगम अख्तर को समर्पित विशेष दास्तानगोई भी आयोजित होगी।
आयोजन समिति के वरिष्ठ संयोजक चंद्र प्रकाश ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में पुस्तकों की उपयोगिता और बढ़ गई है। इंटरनेट पर उपलब्ध हर जानकारी प्रमाणित नहीं होती, इसलिए सही और विश्वसनीय ज्ञान के लिए पुस्तकों का अध्ययन जरूरी है।
उन्होंने राजधानीवासियों से अधिक से अधिक संख्या में गोमती पुस्तक महोत्सव में पहुंचने की अपील की।
महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। बच्चों, युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों, लेखकों और पुस्तक प्रेमियों के लिए यह आयोजन साहित्य और ज्ञान से जुड़ने का बड़ा अवसर होगा।
महोत्सव में राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय के बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी। इस डिजिटल मंच पर विभिन्न भाषाओं और विधाओं की सात हजार से अधिक ई-पुस्तकें उपलब्ध हैं।


