शमशाबाद, फर्रुखाबाद। शमशाबाद क्षेत्र में गरीब, मजदूर और किसानों की समस्याएं लगातार गंभीर होती जा रही हैं। एक ओर सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल से जल’ योजना को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता और लापरवाही के आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर गंगा कटरी क्षेत्र में बाढ़ और कटान से कई परिवार प्रभावित हुए हैं। इन समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने मोर्चा खोलने का ऐलान किया है।
भाकियू के जिला महासचिव संजय गंगवार ने बैठक के बाद कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सौंपा जाएगा।
जिला महासचिव के अनुसार, सरकार ने ग्रामीणों के घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने का वादा किया था, जिससे लोगों में उम्मीद जगी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि शमशाबाद क्षेत्र के कई गांवों में योजना के तहत पानी की टंकियों का निर्माण शुरू तो हुआ, लेकिन कई स्थानों पर काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, कहीं टंकी का ढांचा तैयार है लेकिन मोटर और अन्य व्यवस्थाएं पूरी नहीं हैं, तो कहीं पाइपलाइन बिछाने के लिए गलियों की खुदाई के बाद उन्हें ठीक नहीं कराया गया। उनका कहना है कि ऊबड़-खाबड़ रास्तों के कारण बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों में सबसे अधिक नाराजगी घरों में लगाई गई पानी की टोटियों को लेकर है। उनका कहना है कि कई घरों में टोटियां लगाए काफी समय बीत चुका है, लेकिन नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हुई। इसके चलते ये टोटियां अब शोपीस बनकर रह गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि योजना के पूरी तरह संचालित न होने के कारण उन्हें पुराने हैंडपंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। आरोप है कि कई हैंडपंप खराब पड़े हैं और कुछ स्थानों पर पानी की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें हैं। महिलाओं को पानी के लिए दूर तक जाना पड़ रहा है।
वहीं, गंगा कटरी क्षेत्र में बाढ़ और कटान ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, जलस्तर बढ़ने के साथ कई स्थानों पर कटान तेज हुआ है। इससे कच्चे और पक्के मकानों के साथ कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं।
कई प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर बताए जा रहे हैं। कुछ परिवार ऊंचे स्थानों और सड़क किनारे अस्थायी ठिकानों में रहने को मजबूर हैं। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से राहत, पुनर्वास और मुआवजे की मांग की है।
जिला महासचिव संजय गंगवार ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में पानी की टंकियां और जलापूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी तरह संचालित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच रहा है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
भाकियू ने प्रशासन से ‘हर घर जल’ योजना में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने, अधूरी पानी की टंकियों और पाइपलाइनों का काम जल्द पूरा कराने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
संगठन ने गंगा कटरी में बाढ़ और कटान से हुए नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित गरीब, मजदूर और किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने, बेघर परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की भी मांग की है।
इसके अलावा गंगा कटरी क्षेत्र में हर वर्ष होने वाले कटान को रोकने के लिए स्थायी बाढ़ सुरक्षा उपाय किए जाने और धान की फसल के समय शाम के वक्त होने वाली कथित अघोषित विद्युत कटौती की समस्या का समाधान कराने की मांग की गई है।
दम तोड़ रही ‘हर घर नल-जल’ योजना, गंगा कटरी में बाढ़ से सैकड़ों परिवार प्रभावित


