वाराणसी। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) में करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने लेखाकार केशवेंद्र को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
सूत्रों के अनुसार लेखाकार पर करीब 7 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। मामले की जांच के दौरान वित्तीय अभिलेखों और खातों में गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर पूर्वांचल डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक ने केशवेंद्र की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया।
बिजली विभाग के गलियारों में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है। चर्चा है कि मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं हो सकता और जांच का दायरा बढ़ने पर कई अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ सकती है। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
जानकारों का मानना है कि करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन में गड़बड़ी का मामला सामने आना विभाग की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह पूर्वांचल विद्युत निगम के हालिया वर्षों के बड़े वित्तीय घोटालों में शामिल हो सकता है।
विभाग का कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।


