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Monday, August 3, 2026

गंगा कटरी में बाढ़ की दस्तक, ढाई घाट–शमशाबाद–शाहजहांपुर मार्ग पर जलसैलाब; आवागमन प्रभावित, किसानों की बढ़ी चिंता

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शमशाबाद, फर्रुखाबाद। अगस्त माह की शुरुआत के साथ ही गंगा कटरी क्षेत्र में बाढ़ की दस्तक सुनाई देने लगी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसका असर अब फर्रुखाबाद के कटरी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जबकि खेतों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। इससे ग्रामीणों और किसानों में चिंता का माहौल है।
सबसे अधिक प्रभाव ढाई घाट–शमशाबाद–शाहजहांपुर मुख्य मार्ग पर देखने को मिल रहा है। ग्राम चौरा हार के पास सड़क पर तेज जलसैलाब बहने से आवागमन प्रभावित हो गया है। जिस सड़क पर कुछ दिन पहले तक छोटे-बड़े वाहन सामान्य रूप से दौड़ रहे थे, वहां अब पानी का तेज बहाव लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। आसपास के खेतों में भी पानी भरने लगा है।
कटरी क्षेत्र में चंपतपुर से गढ़िया हैदरपुर को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी जलभराव की चपेट में आ गया है। यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट सकता है।
इस वर्ष कटरी क्षेत्र के किसानों ने बड़े पैमाने पर धान, गन्ना, मक्का और विभिन्न सब्जियों की खेती की है। खेतों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से फसलों के डूबने की आशंका बढ़ गई है। कई किसानों का कहना है कि हर वर्ष आने वाली बाढ़ उनकी मेहनत और लागत पर पानी फेर देती है, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सका है।
जलसैलाब के कारण निचले इलाकों में भी पानी भरना शुरू हो गया है। ग्रामीण अपने जरूरी सामान, अनाज और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं। पशुओं के चारे और पेयजल की व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में लगातार वृद्धि होती रही तो उन्हें अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों अथवा सड़क किनारे शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
बढ़ते खतरे को देखते हुए तहसील प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। क्षेत्रीय लेखपाल एवं राजस्व कर्मचारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने, बच्चों को नदी किनारे न जाने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, क्योंकि जीवन सबसे अनमोल है।

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