लखनऊ। राजधानी के फैजुल्लागंज इलाके में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। लगातार छठवें दिन भी नदी का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों और घरों में प्रवेश कर रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, क्षेत्र के 40 हजार से अधिक घर बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। हालात बिगड़ने के चलते रोजाना करीब दो हजार लोग अपने घर और इलाका छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को बाहर निकालने और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए नावों की व्यवस्था की गई है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ सरकारी नावों के जरिए एक व्यक्ति से 100 से 150 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि आपदा की स्थिति में भी उनसे नाव के किराये के नाम पर रकम ली जा रही है।
नाविकों ने भी बताई परेशानी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगाए गए एक नाविक ने बताया कि उसे तीन दिन पहले काम पर लगाया गया था। उसके अनुसार, पहले दिन उसे एक हजार रुपये दिए गए, लेकिन इसके बाद रोजाना तीन हजार रुपये भुगतान करने का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया गया है।
पीने के पानी और राशन के लिए जूझ रहे लोग
बाढ़ के कारण स्थानीय लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या पीने के साफ पानी और भोजन की बनी हुई है। लोगों का कहना है कि वे दिन-रात जरूरी सामान के लिए परेशान हैं। इलाकों में जगह-जगह गंदगी और जलभराव के कारण संक्रमण और बीमारियां फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त राशन और जरूरी सहायता नहीं मिल पा रही है। कुछ लोगों का कहना है कि मदद मांगने पर भी उन्हें अधिकारियों की ओर से उचित सहयोग नहीं मिल रहा। बाढ़ के लगातार बने रहने से प्रभावित परिवारों में चिंता बढ़ती जा रही है और लोग प्रशासन से तत्काल राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।


