क्रासर
रात में सोते समय बिगड़ी हालत, अस्पताल पहुंचने पर शरीर पड़ चुका था नीला; बेटे की मौत पर मां का रो-रोकर बुरा हाल
शमशाबाद, फर्रुखाबाद। थाना क्षेत्र के गांव खुड़नाखार में शनिवार रात सर्पदंश की आशंका में हालत बिगड़ने से कक्षा तीन के आठ वर्षीय छात्र की मौत हो गई। परिजन उसे गंभीर हालत में फर्रुखाबाद स्थित लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उपचार के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां अपने मासूम बेटे को गोद में लेकर फूट-फूटकर रोती रही। परिजनों के मुंह से बार-बार यही निकल रहा था कि “घर का अकेला चिराग था, वह भी बुझ गया।” मासूम की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है।
जानकारी के अनुसार गांव खुड़नाखार निवासी प्रमोद कुमार जाटव का आठ वर्षीय पुत्र आर्यन कायमगंज स्थित एक पब्लिक स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। शनिवार की शाम खाना खाने के बाद आर्यन कमरे में बिस्तर पर सो गया। मध्य रात्रि के करीब अचानक उसकी नींद खुली और उसने शरीर में कुछ चुभने की शिकायत करते हुए मां को बताया कि उसे किसी चीज ने काट लिया है। बेटे की हालत देखकर पास में सो रही मां घबरा गई।
परिजनों ने कमरे में जहरीले कीड़े अथवा किसी अन्य जीव की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। इसी बीच आर्यन की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। शरीर पर सर्पदंश जैसे लक्षण दिखाई देने पर परिजनों को आशंका हुई कि कहीं किसी जहरीले सांप ने तो उसे नहीं काट लिया। आनन-फानन में परिजन उसे उपचार के लिए फर्रुखाबाद स्थित लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे।
बताया गया कि अस्पताल पहुंचने तक बच्चे की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। उसका शरीर नीला पड़ने लगा था और आंखें भी पथराने लगी थीं। चिकित्सकों ने तत्काल उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया। बच्चे की जान बचाने के लिए चिकित्सकों ने हरसंभव प्रयास किया, लेकिन हालत लगातार गंभीर बनी रही। उपचार के दौरान आखिरकार आर्यन ने दम तोड़ दिया।
बेटे का शव गोद में लेकर बिलखती रही मां
चिकित्सकों द्वारा आर्यन को मृत घोषित किए जाने की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मां अपने बेटे के शव को गोद में लेकर बुरी तरह बिलखने लगी। उसकी करुण चीखों से अस्पताल परिसर का माहौल गमगीन हो गया। रोते हुए मां बार-बार कह रही थी कि “घर का अकेला चिराग था, वह भी बुझ गया।” मासूम की मौत का यह मार्मिक दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
परिजनों का कहना था कि आर्यन परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया। घटना के बाद गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। लोग कुदरत के इस फैसले को लेकर दुख जताते नजर आए। परिवार में मासूम की मौत के बाद से मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सर्पदंश से कक्षा तीन के छात्र की लोहिया अस्पताल में मौत, घर का इकलौता चिराग भी बुझ गया


