फर्रुखाबाद।
जनपद में करोड़ों रुपये के निवेश से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। फर्जी बैंक गारंटी और झूठे दस्तावेजों के सहारे कंपनी संचालित कर निवेश हड़पने के आरोप में अदालत के आदेश पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित दो अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले के अनुसार, पीड़ित मनोज कुमार दुबे पुत्र शांति स्वरूप दुबे, निवासी सिविल लाइन इटावा ने अदालत में दायर वाद में बताया कि रविंद्र प्रताप भदौरिया निवासी बेवर उनके संपर्क में आया। उसने अपनी कंपनी सर्च पावर एंड एंपावर स्किल प्राइवेट लिमिटेड को चलाने के लिए उनके परिसर में जगह मांगी, जिस पर दोनों के बीच ₹3 लाख मासिक किराया तय हुआ।
आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद भी जब किराया नहीं दिया गया और पीड़ित ने भुगतान की मांग की, तो आरोपी ने उन्हें कंपनी का डायरेक्टर बनाने का लालच दिया। इसके बाद कथित रूप से फर्जी बैंक आईडी और दस्तावेजों के आधार पर पीड़ित को कंपनी का डायरेक्टर दिखाया गया और उनसे करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का निवेश करा लिया गया।
पीड़ित का कहना है कि लंबे समय तक उन्हें निवेश पर कोई लाभांश नहीं मिला। जब उन्होंने इस संबंध में रविंद्र प्रताप से शिकायत की, तो आरोपी ने गुड़गांव स्थित देवी मंदिर परिसर में एक बैठक बुलाई, जहां उसने साफ तौर पर निवेश से ही इनकार कर दिया।
पीड़ित ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत मऊ दरवाजा थाने में की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी अवगत कराया, फिर भी जब सुनवाई नहीं हुई तो न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। आदेश के अनुपालन में पुलिस ने आरोपी रविंद्र प्रताप भदौरिया और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। दस्तावेजों की सत्यता, बैंक गारंटी और कंपनी के संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अदालत के आदेश पर बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, साढ़े तीन करोड़ की ठगी में मुकदमा दर्ज


