फर्रुखाबाद। नगर विकास की दिशा में फर्रुखाबाद के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी “नवयुग पालिका योजना” के प्रथम चरण में नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद का चयन किया गया है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष, अपर जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में बताया गया कि नवयुग पालिका योजना का मुख्य उद्देश्य नगर निकायों में ऑनलाइन नागरिक सेवाओं का विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत बनाना, शहरी क्षेत्रों को अधिक सुंदर और आकर्षक बनाना तथा आधुनिक तकनीक और नवाचारों के माध्यम से नगरों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। योजना के तहत नागरिकों को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने योजना के प्रथम चरण में 58 नगरीय निकायों का चयन किया है, जिनमें फर्रुखाबाद नगर पालिका परिषद को शामिल किया जाना जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इससे शहर के आधारभूत ढांचे, डिजिटल सेवाओं और राजस्व व्यवस्था में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
बैठक में जानकारी दी गई कि यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से प्रारंभ होकर अगले पांच वर्षों तक संचालित होगी। योजना के अंतर्गत चयनित निकायों को उनकी जनसंख्या के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा गया है। एक लाख पचास हजार से अधिक आबादी वाले नगर पालिका परिषदों को श्रेणी-1 तथा इससे कम आबादी वाले निकायों को श्रेणी-2 में रखा गया है।
योजना के तहत श्रेणी-1 के नगर निकायों को प्रतिवर्ष अधिकतम 12 करोड़ रुपये तथा श्रेणी-2 के निकायों को अधिकतम 8 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा बेहतर प्रदर्शन, राजस्व वृद्धि और नवाचार आधारित परियोजनाओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि संपत्ति कर अभिलेखों के डिजिटलीकरण, कर वसूली में वृद्धि और राजस्व संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले निकायों को अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में शीर्ष तीन निकायों को प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि योजना का लाभ तभी मिलेगा जब सभी विभाग पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने नगर के विकास से जुड़ी संभावित परियोजनाओं, राजस्व संवर्धन के उपायों तथा नवाचार आधारित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तैयार करने के निर्देश दिए।


