फर्रुखाबाद। जिले के लिए गौरव का विषय है कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुरातत्वविद्, इतिहासकार और पद्मश्री सम्मानित विद्वान डॉ. राम कृष्ण राजपूत आगामी 3 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में भाग लेने के लिए विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। इस दौरान उन्हें बैंकॉक (कंबोडिया क्षेत्रीय कार्यक्रम संदर्भ) और थाईलैंड में प्रतिष्ठित सुभाष चंद्र बोस सम्मान तथा राजा नरोत्तम सिंहानोक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।उन्हें वैश्विक स्तर पर पहले भी सम्मान से नवाज़ा जा चुका है।
डॉ. राजपूत देश के उन चुनिंदा विद्वानों में शामिल हैं, जिन्हें पुरातत्व, इतिहास और हिंदी साहित्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। वे भारत की प्राचीनतम साहित्यिक संस्थाओं में से एक ‘हिंदुस्तानी अकादमी’ से भी सम्मानित हैं तथा राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं।
डॉ. राजपूत को सम्मेलन के सबसे वरिष्ठ, सर्वाधिक योग्यताधारी और सर्वाधिक सम्मान प्राप्त प्रतिभागियों में माना जा रहा है। उन्होंने वर्षों तक दुर्लभ ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, संग्रहालय निर्माण, शोध कार्य तथा भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दिया है। फर्रुखाबाद महोत्सव को जन-जन तक पहुंचाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
68 पुस्तकों के लेखक डॉ. राजपूत इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न शैक्षिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर उनकी सद्यः प्रकाशित पुस्तकों ‘फतेहगढ़नामा’, ‘फर्रुखाबाद के ख्याल-लावनी गायक’ तथा ‘इंडोनेशिया-मलेशिया की यात्राएं’ का भी विमोचन किया जाएगा।
प्रेस नोट में बताया गया है कि सम्मान प्राप्त कर स्वदेश लौटने के बाद डॉ. राजपूत बुद्धिजीवियों, शोधकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर अपनी विदेश यात्रा और सम्मेलन के अनुभव साझा करेंगे।
डॉ. राम कृष्ण राजपूत की यह उपलब्धि न केवल फर्रुखाबाद बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय इतिहास, संस्कृति और हिंदी भाषा का प्रतिनिधित्व करने जा रहे डॉ. राजपूत की सफलता से जिले के शिक्षाविदों और साहित्य प्रेमियों में उत्साह का माहौल है।
बैंकॉक से थाईलैंड तक गूंजेगा फर्रुखाबाद का नाम, डॉ. राम कृष्ण राजपूत फिर होंगे अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मानित


