समाधान दिवस में दिए गए प्रार्थना पत्र भी दबा दिए गए, न्याय नहीं मिला तो आंदोलन होगा तेज
अमृतपुर/फर्रुखाबाद
विकास खंड राजेपुर की ग्राम पंचायत बलीपट्टी रानीगांव में कथित करोड़ों के आर्थिक भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई न होने से आक्रोशित पीड़ित श्याम बिहारी अवस्थी धरने पर बैठ गए। उन्होंने ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव पर सरकारी धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक अधिकारियों पर शिकायतों को दबाने का गंभीर आरोप लगाया है।
धरने पर बैठे श्याम बिहारी अवस्थी ने कहा कि उन्होंने कई बार तहसील समाधान दिवस और अधिकारियों के समक्ष लिखित प्रार्थना पत्र देकर ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत की, लेकिन उनके प्रार्थना पत्रों को बिना सुनवाई के ही दबा दिया गया। आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के चलते दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उनके मानवाधिकारों का खुला हनन हुआ है।
पीड़ित ने बताया कि शिकायतों के आधार पर जांच टीम गठित हुई थी और जांच के बाद संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किए गए। इसके बावजूद महीनों बीत जाने के बाद भी दोषियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जब प्रशासनिक तंत्र ही शिकायतों को दबाने लगे तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे।
धरने के दौरान पीड़ित ने प्रशासन पर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपना आंदोलन और तेज करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर उच्चाधिकारियों व शासन स्तर तक मामला पहुंचाया जाएगा।
श्याम बिहारी अवस्थी ने जिलाधिकारी से मांग की है कि लंबित पत्रावली तत्काल तलब कर दोषी ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव के खिलाफ वित्तीय व प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सरकारी धन की रिकवरी और कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके और जनता का प्रशासन पर विश्वास बना रहे।


