लखनऊ
प्रदेश में 7,994 लेखपाल पदों पर भर्ती के लिए गुरुवार को मुख्य परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही पाली में संपन्न हुई। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे।
उत्तर प्रदेश के आगरा, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, गाजियाबाद और उरई समेत कई जिलों में बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई थी और प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड तथा फोटोयुक्त पहचान पत्रों की गहन जांच की गई।
आगरा में 35 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां करीब साढ़े 15 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे और रोडवेज प्रशासन ने विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त बसों का संचालन किया। केंद्रों के बाहर सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली।
फिरोजाबाद में 15 परीक्षा केंद्रों पर 6,288 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों के बाहर लंबी लाइनें लगी रहीं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया था।
मुरादाबाद के 29 केंद्रों पर लगभग 11 हजार पंजीकृत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। यहां परीक्षा व्यवस्था संभालने के लिए करीब 1,200 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और सघन तलाशी के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।
इसके अलावा गाजियाबाद में 26 केंद्रों पर करीब 12 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जबकि उरई में नौ परीक्षा केंद्रों पर 3,336 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, उड़नदस्ते और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले केंद्रों पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे और समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी को भी प्रवेश नहीं दिया गया।
प्रदेश भर में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली। अब सभी की निगाहें भर्ती परीक्षा के परिणाम पर टिकी हुई हैं।


