नवजात की हालत गंभीर, निजी अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप
कायमगंज, फर्रुखाबाद। प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत हो जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजनों ने निजी अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आरोप है कि महिला की हालत बिगड़ने पर अस्पताल कर्मी ताला लगाकर फरार हो गए। वहीं नवजात बच्ची की हालत भी गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के ग्राम गऊटोला निवासी अवकाश शाक्य की 20 वर्षीय पत्नी चांदनी पहली बार गर्भवती हुई थी। परिजन शनिवार दोपहर करीब 1 बजे उसे कायमगंज के पुल गालिब स्थित शिव हॉस्पिटल में भर्ती कराकर आए थे। शाम करीब 4 बजे चांदनी ने एक बच्ची को जन्म दिया।
परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद चांदनी की हालत ठीक नहीं थी, इसके बावजूद अस्पताल कर्मियों ने शाम करीब 6 बजे उसे जबरन घर भेज दिया। चांदनी के जेठ अवधेश ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए तुरंत छुट्टी देने का विरोध भी किया था, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने उनकी बात नहीं मानी।
रात करीब 9 बजे चांदनी की हालत अचानक बिगड़ गई। घबराए परिजन उसे दोबारा उसी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने किसी को अंदर नहीं जाने दिया। इस दौरान अस्पताल में लगे बैनर और पोस्टर हटा दिए गए और अस्पताल में ताला लगाकर कर्मचारी वहां से चले गए।
महिला की हालत नाजुक होने पर परिजन उसे फर्रुखाबाद के आवास विकास तिराहा स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने चांदनी को मृत घोषित कर दिया। वहीं नवजात बच्ची को गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि अस्पताल में भर्ती के समय उनसे 30 हजार रुपये जमा कराए गए थे। बच्ची पैदा होने पर अस्पताल कर्मियों ने खुशी के नाम पर अतिरिक्त रुपये और मिठाई भी मांगी। परिजनों का यह भी आरोप है कि जबरन प्रसव कराए जाने के कारण बच्ची के सिर में चोट आई है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में आशा बहुएं और कुछ स्वास्थ्यकर्मी प्रसूताओं को कमीशन के लालच में निजी अस्पतालों में भेजते हैं। आरोप यह भी लगाया गया कि संबंधित अस्पताल में योग्य डॉक्टर नहीं थे और झोलाछाप तरीके से इलाज किया जा रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी कई प्रसूताओं की मौत हो चुकी है, लेकिन प्रभावशाली लोगों की सांठगांठ के चलते कार्रवाई नहीं होती। मामले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
बताया गया कि मृतका चांदनी जनपद एटा के थाना जैथरा क्षेत्र के ग्राम गढ़िया निवासी राम भरोसे की पुत्री थी। उसकी शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अस्पताल की जांच की मांग की है।
प्रसूता की मौत पर परिजनों का हंगामा, अस्पताल में ताला लगाकर फरार हुए कर्मचारी


