कंपिल : भाजपा संगठन के एक मंडल अध्यक्ष और पार्टी के दूसरे पदाधिकारी के बीच छिड़ा विवाद अब सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है। मंडल अध्यक्ष ने अपनी ही गठबंधन दल की विधायक पर परिवार का उत्पीड़न कराने और पुलिस पर दबाव बनाकर कार्रवाई प्रभावित करने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरे पक्ष ने भी पलटवार करते हुए मंडल अध्यक्ष पर खनन, अवैध वसूली और रुपये मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों के आरोपों से क्षेत्र की राजनीति गर्मा गई है।
थाना कंपिल क्षेत्र की सिवारा चौकी के अंतर्गत ग्राम पंचायत कमरुद्दीन नगर के मजरा हजरतगंज निवासी भाजपा कंपिल मंडल अध्यक्ष निर्मल कश्यप ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि उनके घर के रास्ते पर अवैध रूप से छज्जा निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत चौकी और थाना पुलिस से की गई, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उन्हें न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) लेने की सलाह दी गई। निर्मल कश्यप ने आरोप लगाया कि कायमगंज विधानसभा से अपना दल (एस) की विधायक डॉ. सुरभि गंगवार दूसरे पक्ष का संरक्षण कर रही हैं और पुलिस पर दबाव बनाकर उनके परिवार का उत्पीड़न कराया जा रहा है। उन्होंने वीडियो में कहा कि दूसरे पक्ष के लोग लगातार धमकियां दे रहे हैं और यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी विधायक डॉ. सुरभि गंगवार, शिव कुमार कश्यप और अवधेश कश्यप की होगी। सोशल मीडिया पोस्ट में निर्मल कश्यप ने लिखा कि उनका कसूर सिर्फ इतना है कि वह भाजपा के कार्यकर्ता और मंडल अध्यक्ष हैं। उनका आरोप है कि इसी कारण उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है तथा स्थानीय चौकी प्रभारी पर भी दबाव बनाया जा रहा है, जिससे दूसरे पक्ष के हौसले बुलंद हैं।
वहीं, दूसरे पक्ष से भाजपा पिछड़ा मोर्चा कंपिल मंडल अध्यक्ष एवं ग्राम कमरुद्दीन नगर निवासी शिव कुमार कश्यप ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर निर्मल कश्यप के सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने दावा किया कि उनके भाई अवधेश कश्यप ने वर्ष 2024 में करीब ढाई लाख रुपये में जमीन खरीदी थी और उसी पर वैध रूप से निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्मल कश्यप ने फोन कर रुपये की मांग की थी और पैसे न मिलने पर छज्जा व दरवाजा नहीं बनने देने की धमकी दी। शिव कुमार कश्यप ने यह भी आरोप लगाया कि निर्मल कश्यप क्षेत्र में खनन से जुड़े हैं और अवैध वसूली करते हैं। दोनों पक्षों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। भाजपा संगठन के दो पदाधिकारियों के बीच खुले आरोप-प्रत्यारोप और गठबंधन की विधायक का नाम सामने आने से मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है।
उधर, पुलिस का कहना है कि मामले में शिकायत प्राप्त हुई है। दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


