सागर। मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब ने दो दिन में 11 लोगों की जान ले ली। करीब 25 मरीज अब भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। जहरीली शराब के असर से 24 लोगों के शरीर नीले पड़ने की बात सामने आई है। प्रशासन ने मामले में आबकारी और पुलिस विभाग के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि करीब 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
नौराज और घुघरा खुर्द गांव में शनिवार सुबह लोगों के अचानक बीमार पड़ने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हुईं। करीब 35 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर मरीजों को सागर जिला अस्पताल और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जबकि एक मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल ले जाया गया।
पोस्टमॉर्टम में दो-तीन शवों में मिथाइल अल्कोहल के सेवन की आशंका जताई गई है। कुछ मरीजों के शरीर नीले पड़ने के साथ अकड़न, उल्टी और सिरदर्द जैसे लक्षण सामने आए। प्रशासन ने लोगों से ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच कराने की अपील की है।
पुलिस की शुरुआती जांच में शराब की सप्लाई उत्तर प्रदेश के ललितपुर से होने का शक सामने आया है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है। एहतियात के तौर पर क्षेत्र की सात शराब दुकानों को सील कर उनके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
लापरवाही के आरोप में सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते, आबकारी उप निरीक्षक रोशनी उरेते, गूगरा चौकी प्रभारी पूरन सिंह और बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा को निलंबित किया गया है। संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरज श्रीवास्तव को ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना की तत्काल जांच के निर्देश देते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने घटना को प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए। पूर्व विधायक तरवर सिंह लोधी ने मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
एक रिश्तेदार के मुताबिक, कुछ लोगों ने साथ में शराब पी थी और इसके करीब आधे घंटे बाद उनकी हालत बिगड़ गई। हालांकि मौत के कारणों और जहरीली शराब की पुष्टि के लिए जांच रिपोर्ट का इंतजार है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच तेज कर दी है और अवैध शराब के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।


