नई दिल्ली: नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक (NEET-UG exam paper leak) के एक महीने बाद भी देशभर में बवाल मचा हुआ है। परीक्षा कराने वाली एजेंसी एनटीए की कार्यशैली को लेकर छात्र और उनके पैरेंट्स गुस्स में है। वहीं नीट-एनटीए (NEET-NTA) और सीबीएसई को लेकर मचे हंगामे के बीच उनके इस्तीफे की मांग जोर पकड़ रही है।
इससे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान काफी दबाव में है। इसी का नतीजा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं। 21 जून को होने वाली री-नीट परीक्षा को लेकर धर्मेंद्र प्रधान खुद तैयारी में लगे हुए हैं।
21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 9 जून को एनटीए दफ्तर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि साइबर खतरे को लेकर एजेंसियां अलर्ट पर हैं। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी कर ली जाएं। उन्होंने परीक्षा के निष्पक्ष, पारदर्शी और सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए किए गए इंतजामों को लेकर भी जानकारी दी।
NEET UG पेपर लीक जांच पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस मामले में जांच अभी चल रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट में जल्द सुनवाई सुनिश्चित करनी चाहिए और ऐसी सजा देनी चाहिए जो दूसरों के लिए मिसाल बने। हमने NTA को यह मामला सौंपा है ताकि वे कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर सकें और यह तय कर सकें कि क्या उनके खिलाफ नागरिक दायित्व के तहत केस दर्ज किया जा सकता है। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से परीक्षा से जुड़े सभी संवेदनशील पहलुओं पर विशेष निगरानी रखने को कहा। साथ ही उन्होंने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने छात्रों को सलाह दी है कि वह अपनी पढ़ाई पर फोकस करें। परीक्षा हम करवा लेंगे। इसके लिए वह हमारा सहयोग करें। अधिकारियों ने शिक्षा मंत्री को तैयारियों की प्रगति से अवगत कराया उन्होंने भरोसा जताया कि संबंधित संस्थाएं और एजेंसियां मिलकर परीक्षा को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराएंगी।


