नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री (Minister of State for Railways) रहे रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह फैसला भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत लिया गया है।
रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। इससे पहले भाजपा ने 18 जून को हुए राज्यसभा चुनाव में उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने तत्काल अपने मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया था। अब केंद्र सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
बिट्टू के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार में रेल मंत्रालय से जुड़े राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे की वजह को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति में एक प्रमुख नाम रहे हैं। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं।
बिट्टू ने वर्ष 2009 में आनंदपुर साहिब और 2014 व 2019 में लुधियाना लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में अपनी जगह बनाई। वर्ष 2024 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर 24 मार्च को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया गया और उन्हें रेल राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली।
रवनीत सिंह बिट्टू मार्च 2021 में कुछ समय के लिए लोकसभा में कांग्रेस के नेता भी रहे थे। उस दौरान तत्कालीन कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्त थे। जनवरी 2021 में सिंघू बॉर्डर पर एक कार्यक्रम के दौरान बिट्टू पर कथित तौर पर हमला भी हुआ था।


