नई दिल्ली। देश के बड़े उद्योग समूहों में शामिल वेदांता ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा शिकंजा कसते हुए दिल्ली, मुंबई और राजस्थान के उदयपुर स्थित परिसरों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन के मामले में हुई इस कार्रवाई ने कॉरपोरेट जगत में हलचल मचा दी है।
सूत्रों के अनुसार ईडी की जांच वेदांता रिसोर्सेज और वेदांता लिमिटेड के बीच हुए वित्तीय लेन-देन पर केंद्रित है। जांच एजेंसी को आशंका है कि वर्ष 2023 में ब्रांड शुल्क से जुड़े एक वित्तीय लेन-देन में फेमा नियमों का उल्लंघन किया गया। इसी सिलसिले में ईडी अधिकारियों ने कंपनी के विभिन्न कार्यालयों से दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले।
हालांकि वेदांता समूह ने ईडी की कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा है कि कंपनी जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दे रही है। वहीं ईडी को तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है, जिनकी गहन पड़ताल की जा रही है।
गौरतलब है कि फेमा उल्लंघन आपराधिक नहीं बल्कि सिविल प्रकृति का मामला माना जाता है, लेकिन दोष सिद्ध होने पर संबंधित संस्था पर भारी आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। नियमों के तहत उल्लंघन की राशि के तीन गुना तक जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।
देश के खनन, धातु और प्राकृतिक संसाधन क्षेत्र में बड़ा दखल रखने वाले वेदांता समूह पर हुई इस कार्रवाई को कारोबारी जगत की बड़ी घटनाओं में माना जा रहा है। अब निगाहें ईडी की जांच रिपोर्ट और संभावित आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।


