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Wednesday, June 17, 2026

जनसेवा, पारदर्शिता और कार्यकुशलता की मिसाल बने डीएसओ जीवेश कुमार मौर्य

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– सुल्तानपुर के इतिहास में सबसे लम्बे कार्यकाल वाले अधिकारी बने
– जनता का हर वर्ग हुआ भावुक

सुल्तानपुर। प्रशासनिक सेवाओं में कुछ अधिकारी अपनी कार्यशैली से ऐसी छाप छोड़ जाते हैं, जिन्हें वर्षों तक याद किया जाता है। सुल्तानपुर के जिला पूर्ति अधिकारी जीवेश कुमार मौर्य का नाम भी ऐसे ही अधिकारियों में शामिल हो गया है। लगभग चार वर्षों तक जनपद में अपनी सेवाएं देने के बाद उनके इटावा स्थानांतरण के साथ ही उनके कार्यकाल की चर्चा प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनता तक में हो रही है।

विभागीय अभिलेखों के अनुसार 2 जुलाई 2022 से जून 2026 तक का उनका कार्यकाल सुल्तानपुर के इतिहास में जिला पूर्ति अधिकारी के रूप में दूसरा सबसे लंबा कार्यकाल माना जा रहा है। इससे पहले वी.के. श्रीवास्तव ने लगभग छह वर्ष एक माह तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी।

जीवेश कुमार मौर्य ने अपने कार्यकाल के दौरान केवल विभागीय दायित्वों का निर्वहन ही नहीं किया, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए। उनके नेतृत्व में हजारों पात्र परिवारों के राशन कार्ड बनाए गए और उन्हें सरकारी खाद्यान्न योजनाओं से जोड़ा गया, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिली।

राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उन्होंने नियमित निरीक्षण, औचक जांच और निगरानी की प्रभावी व्यवस्था लागू की। उनके कार्यकाल में विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने का प्रयास लगातार दिखाई दिया।

एलपीजी गैस आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर समय-समय पर फैलने वाली अफवाहों पर भी उन्होंने प्रभावी नियंत्रण रखा। बाजार में कृत्रिम अभाव या कालाबाजारी की आशंकाओं पर सख्त कार्रवाई कर उन्होंने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की। उनके नेतृत्व में विभाग ने कई बार सक्रिय निगरानी अभियान चलाकर व्यवस्था को पटरी पर बनाए रखा।

जीवेश कुमार मौर्य की एक और बड़ी उपलब्धि विभिन्न जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभागीय कर्मचारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना रही। उन्होंने शासन की योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू कराने का प्रयास किया।

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