फर्रुखाबाद। गंगा नदी का जलस्तर लगातार तीसरे दिन चेतावनी और खतरे के निशान के बीच स्थिर रहने के बावजूद फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर प्रशासन की रोक का असर नहीं दिखा। चार स्थानों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के बावजूद बुधवार को बाइक, कार, रोडवेज बसों सहित अन्य वाहन जलभराव वाले मार्ग से गुजरते रहे, जिससे हादसे की आशंका बनी रही।
गंगा का जलस्तर बुधवार को 136.95 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर और खतरे के निशान 137.10 मीटर के बीच बना हुआ है। वहीं नरौरा बांध से 1,11,969 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सोमवार रात से गांव चित्रकूट के पास डिप पर तेज बहाव शुरू होने के बाद मंगलवार शाम एसडीएम अमृतपुर के निर्देश पर फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी। फर्रुखाबाद की ओर जमापुर मोड़ और बदायूं की ओर राजेपुर में बैरिकेड लगाए गए थे। इसके अलावा डिप के दोनों ओर भी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, लेकिन बुधवार सुबह तक यह व्यवस्था प्रभावी नहीं रह सकी और वाहन लगातार जलमग्न मार्ग से गुजरते रहे।
बाढ़ का पानी चित्रकूट, अंबरपुर, उदयपुर, बमियारी, कुड़री सारंगपुर, करपुर घाट और मंझा सहित कई गांवों में फैल गया है। प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। चित्रकूट स्थित रामनिवास महाविद्यालय में बनाए गए राहत शिविर में करीब 60 लोगों ने शरण ली है।
उधर, शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर गुटैटी दक्षिण गांव के पास सड़क पर लगभग एक फीट पानी बह रहा है। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। ग्राम जैतपुर के पास पुलिस ने चेतावनी बोर्ड लगाकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
राजेपुर थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल पानी का बहाव कुछ कम हुआ है, इसलिए स्थानीय लोगों को आवश्यक आवागमन की अनुमति दी जा रही है। यदि जलस्तर बढ़ता है तो प्रशासन प्रतिबंधों का सख्ती से पालन कराएगा।
ढाई घाट कटरी क्षेत्र के 20 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। गांव समैचीपुर चितान के 10 से अधिक परिवार सड़क किनारे पॉलीथिन तानकर रहने को मजबूर हैं। प्रशासन द्वारा राहत शिविर में जाने की सलाह दिए जाने के बावजूद कई परिवार अपने स्थान पर ही डटे हुए हैं।
बाढ़ के चलते जिले के 50 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। एहतियातन 40 विद्यालय बंद कर दिए गए हैं, जबकि 111 गांवों की बिजली आपूर्ति रोक दी गई है। प्रशासन के अनुसार तहसील सदर के 9, कायमगंज के 12 और अमृतपुर के 12 गांवों सहित कुल 33 गांव आधिकारिक रूप से प्रभावित हैं। इन गांवों की 23,367 आबादी और 4,855 परिवार बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
बाढ़ के बीच फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग पर दौड़ते रहे वाहन, 4,855 परिवार प्रभावित


