कायमगंज। कोतवाली क्षेत्र के गांव कुंवरपुर इमलाक की एक महिला साइबर ठगों के झांसे में आकर 15 हजार रुपये गंवा बैठी। ठग ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर बकाया बिजली बिल समायोजित कराने और कटा हुआ कनेक्शन दोबारा जोड़ने का झांसा दिया। पीड़िता ने मामले की शिकायत कोतवाली पुलिस से कर कार्रवाई की मांग की है।
गांव कुंवरपुर इमलाक निवासी रीना बेगम ने बताया कि बकाया बिजली बिल के कारण उनका बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। इसी दौरान उन्हें एक फोन कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि उनके ऊपर 20 हजार रुपये का बकाया है, लेकिन यदि वे 15 हजार रुपये ऑनलाइन जमा कर दें तो पूरा बकाया समायोजित कर दिया जाएगा। साथ ही किसी प्रकार की पेनाल्टी नहीं लगेगी और नया बिजली मीटर भी लगा दिया जाएगा।
ठग की बातों पर विश्वास कर रीना बेगम ने उसके द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन कर 15 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। भुगतान के कई दिन बाद भी न तो बिजली कनेक्शन बहाल हुआ और न ही कोई कर्मचारी उनके घर पहुंचा।
इसके बाद पीड़िता बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचीं, जहां अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विभाग की ओर से किसी कर्मचारी को इस प्रकार व्यक्तिगत क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान लेने का अधिकार नहीं दिया गया है। तब उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गई हैं।
पीड़िता ने कोतवाली में तहरीर देकर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
बिजली कनेक्शन जोड़ने का झांसा देकर महिला से 15 हजार की साइबर ठगी


