चंडीगढ़: अमृतसर पुलिस (Amritsar Police) ने शनिवार को बताया कि उसने ड्रोन के ज़रिए हथियार गिराकर की जा रही सीमा-पार तस्करी (smuggling) के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक संयुक्त ऑपरेशन में चार लोगों को गिरफ्तार (arrest) किया गया और 10 आधुनिक पिस्तौलें बरामद की गईं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि बरामद हथियारों में आठ .30 बोर की पिस्तौलें और दो 9 mm की पिस्तौलें शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कुछ हथियार चीन और पाकिस्तान में बने थे। ऑपरेशन के दौरान कुछ जिंदा कारतूस भी ज़ब्त किए गए। भुल्लर ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी पाकिस्तान में बैठे तस्करों से जुड़े एक नेटवर्क का हिस्सा थे। ये तस्कर ड्रोन का इस्तेमाल करके भारतीय इलाके में अवैध हथियारों की खेप गिराते थे। इन हथियारों को स्थानीय लोग इकट्ठा करते थे और फिर नेटवर्क के ज़रिए आगे पहुंचाते थे।
गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पहचान अमृतसर ग्रामीण इलाके के रवि और शरणवीर, तथा फिरोजपुर ज़िले के मनप्रीत उर्फ मन्नू और पिप्पल सिंह के तौर पर हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की उम्र 21 से 33 साल के बीच है और वे मज़दूरी या गाड़ी की मरम्मत जैसे काम करते थे। अधिकारियों ने बताया कि अब तक उनके खिलाफ कोई बड़ा आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जांच में पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर की पहचान हुई है, जिसे “चाचा” के नाम से जाना जाता है। माना जा रहा है कि उसी ने सीमा पार से तस्करी के इस ऑपरेशन को कोऑर्डिनेट किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नेटवर्क सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर और बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था और उन्हें पैसे का लालच देकर गैर-कानूनी हथियारों की खेप लेने और उन्हें आगे पहुंचाने का काम करवाता था।
भुलर ने आगे बताया कि यह मॉड्यूल अटारी और फिरोजपुर दोनों सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था, जहां ड्रोन से गिराई गई खेप को स्थानीय रिसीवर के जरिए आगे भेजा जाता था। कमिश्नर भुलर ने कहा कि यह ऑपरेशन इन्वेस्टिगेशन विंग, एंटी-नारकोटिक्स सेल और एंटी-गैंगस्टर यूनिट की टीमों ने मिलकर चलाया था। इसकी निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों ने की, जिनमें DCP इन्वेस्टिगेशन रविंदर पाल सिंह, ADCP जगविंदर सिंह और ACP इन्वेस्टिगेशन शामिल थे।
उन्होंने चेतावनी दी कि सीमा पार के ऐसे नेटवर्क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं और आपराधिक गतिविधियों के लिए कमजोर युवाओं का फायदा उठाते रहते हैं। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या हरकत की सूचना पुलिस को दें ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


