नालंदा: शराबबंदी वाले बिहार में शराब तस्कर (Liquor smuggler) कानून से बचने के लिए लगातार नए और शातिर तरीके अपना रहे हैं। ताजा मामला नालंदा जिले के सरमेरा थाना क्षेत्र का है, जहां उत्पाद विभाग (Excise Department) की टीम ने चेकिंग के दौरान एक पिकअप वैन से विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की है। शराब की यह खेप बेहद ही शातिर तरीके से फर्नीचर और कबाड़ के अंदर छिपाकर ले जाई जा रही थी, ताकि पुलिस और उत्पाद विभाग की नजरों से बचा जा सके।
उत्पाद विभाग को अपनी खुफिया तंत्र के जरिए यह गुप्त सूचना मिली थी कि शेखपुरा के रास्ते भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब की खेप नालंदा में लाई जा रही है। सूचना मिलते ही विभाग की टीम पूरी तरह सक्रिय हो गई। पुख्ता सत्यापन के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने सरमेरा बाजार के पास घेराबंदी की और एक संदिग्ध पिकअप वैन को रुकवा लिया।
जब अधिकारियों ने पहली बार उस पिकअप वैन को देखा, तो उसमें आम दिनों की तरह अलमारी, ड्रेसिंग टेबल और पुराना कबाड़ लदा हुआ नजर आ रहा था। बाहर से देखने पर किसी को भी यह शक नहीं हुआ कि इस वाहन के भीतर अवैध तस्करी का सामान ले जाया जा रहा है। हालांकि, उत्पाद विभाग के अधिकारियों को दाल में कुछ काला नजर आया और उन्होंने वाहन की गहन तलाशी लेने का फैसला किया।
जब वाहन के अंदर रखे फर्नीचर को हटाकर देखा गया, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। फर्नीचर और कबाड़ की आड़ में विशेष तौर पर बनाए गए गुप्त स्थान पर भारी मात्रा में विदेशी शराब की बोतलें छिपाकर रखी गई थीं। शराब को इस चालाकी से छिपाया गया था कि आम सड़क जांच या बैरियर पर इसका पता लगाना बेहद मुश्किल होता।
इस सफल छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग ने वाहन के चालक को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार चालक से फिलहाल उत्पाद थाने में गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह अवैध शराब की खेप मूल रूप से कहां से लोड की गई थी और नालंदा जिले में इसे किस तस्कर या सिंडिकेट को डिलीवर किया जाना था।
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से गुप्त सूचना पर आधारित थी। वाहन की तलाशी के दौरान फर्नीचर और कबाड़ के भीतर छिपाई गई अवैध शराब का भंडाफोड़ हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवैध धंधे से जुड़े अन्य मुख्य सरगनाओं और सप्लायरों की पहचान की जा रही है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।
इस पूरी सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष नीतीश कुमार, दारोगा पुष्पा कुमारी, जमादार अश्विनी कुमार और सिपाही अमरेश कुमार समेत उत्पाद विभाग के कई अन्य जांबाज जवान शामिल थे। अधिकारियों की इस सतर्कता से शराब तस्करों के एक बड़े मंसूबे पर पानी फेर दिया गया है।
फर्नीचर और कबाड़ की आड़ में शराब तस्करी का यह अनोखा मामला सामने आने के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है। उत्पाद विभाग की इस बड़ी सफलता को शराब माफियाओं के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। विभाग अब इस तस्करी के पूरे नेटवर्क की तह तक जाने के लिए अपनी जांच का दायरा और अधिक बढ़ा रहा है।


