रांची। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का आरोप है कि आंदोलन शुरू होने के बाद से सरकार की ओर से अब तक न तो कोई ठोस पहल की गई और न ही उनसे बातचीत की गई है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुताबिक, 10 अगस्त के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने के लिए कोर कमेटी की बैठक हुई थी। छात्रों ने कहा कि आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखते हुए सरकार पर मांगों को लेकर दबाव बनाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्र लगातार आंदोलन स्थल पर डटे हैं और उनकी एकजुटता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है।
सोमवार को जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्रों ने झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था। इसके बाद आंदोलन को लेकर सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध और बढ़ गया।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि आंदोलन के 18वें दिन बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। इससे छात्रों के बीच उन्हें वहां से हटाए जाने की आशंका पैदा हो गई थी। हालांकि रांची के एसपी पारस राणा ने स्पष्ट किया कि अधिकारी प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए नहीं, बल्कि मौके की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे।
छात्रों की प्रमुख मांगों में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करना, परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराना और भर्ती परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया में व्यापक सुधार करना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के हितों को सुनिश्चित किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
छात्र नेताओं ने सरकार से जल्द बातचीत कर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेने की अपील की है। वहीं, प्रशासन आंदोलन स्थल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। छात्रों के लगातार 19वें दिन धरने पर डटे रहने से राजधानी में इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।


