मैनपुरी। उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के बाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मैनपुरी जनपद के जिलाधिकारी के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। कलेक्ट्रेट परिसर में पदभार संभालने के साथ ही प्रशासनिक अमले ने उनका स्वागत किया, वहीं जिले में उनके आगमन को लेकर अधिकारियों, कर्मचारियों और आम जनता के बीच उत्सुकता का माहौल देखने को मिला। अपनी सादगी, सहज व्यवहार और जमीनी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. त्रिपाठी के मैनपुरी पहुंचने से जिले में बेहतर प्रशासन और जनसुनवाई व्यवस्था को लेकर नई उम्मीदें जागी हैं।
डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी इससे पहले औरैया जिले में जिलाधिकारी के पद पर तैनात थे, जहां उन्होंने करीब दो वर्षों तक प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व दिया। उनकी कार्यशैली का सबसे खास पहलू यह रहा कि उन्होंने न सिर्फ कार्यालय में बैठकर काम किया, बल्कि जमीनी स्तर पर पहुंचकर आम लोगों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित की। यही कारण रहा कि औरैया में उनकी छवि एक ऐसे अधिकारी की बनी, जो जनता के बीच रहकर काम करने में विश्वास रखते हैं।
औरैया से उनके स्थानांतरण के समय का दृश्य बेहद भावुक रहा। खासकर स्कूली बच्चों द्वारा दी गई विदाई ने हर किसी को भावुक कर दिया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं फूल-मालाएं लेकर अपने “डीएम सर” को विदा करने पहुंचे थे। कई बच्चे फूट-फूटकर रोते नजर आए, तो कुछ चुपचाप नम आंखों से उन्हें जाते हुए देख रहे थे। दरअसल, डॉ. त्रिपाठी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ समय निकालकर बच्चों को पढ़ाने भी जाते थे, जिससे उनके प्रति बच्चों का गहरा लगाव बन गया था।
डॉ. त्रिपाठी मूल रूप से आजमगढ़ जनपद के निवासी हैं और वर्ष 1998 बैच के पीसीएस अधिकारी रहे हैं। अगस्त 2020 में उन्हें आईएएस पद पर पदोन्नत किया गया, जिसके बाद उन्होंने नगर विकास विभाग में विशेष सचिव के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद उन्हें लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने शहरी विकास से जुड़े कई अहम निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू किया। जुलाई 2024 में उन्हें औरैया जिले का जिलाधिकारी बनाया गया था, जहां उन्होंने अपनी कार्यकुशलता और जनहितकारी सोच से अलग पहचान बनाई।
मैनपुरी में कार्यभार संभालने के बाद डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने संकेत दिए हैं कि उनकी प्राथमिकता जिले में पारदर्शी प्रशासन स्थापित करना, जनसुनवाई को और अधिक प्रभावी बनाना तथा विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और उनका समाधान तय समय सीमा में सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया।
डॉ. त्रिपाठी के अनुभव, सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और जनसेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि मैनपुरी में उनके नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत होगी। उनके आगमन से जहां प्रशासनिक तंत्र को नई दिशा मिलने की संभावना है, वहीं आम जनता को भी एक संवेदनशील और सक्रिय जिलाधिकारी मिलने की उम्मीद बंधी है।


