हावेरी: कर्नाटक के हावेरी जिले के सवानूर तालुक अस्पताल (hospital) से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि बेहतर इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराने का भरोसा देकर अस्पताल में भर्ती दो मरीजों से सीवेज और मानव मल हाथ से साफ करवाया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर (Doctor) और वरिष्ठ नर्स (senior nurse)को निलंबित कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, अस्पताल परिसर में बना सेसपिट कई दिनों से ओवरफ्लो हो रहा था। अस्पताल के डॉक्टर डॉ. शंकर वाई. हिरेगोवदार ने 27 अगस्त को समस्या के समाधान के लिए नगर निकाय को पत्र भी लिखा था, लेकिन कथित तौर पर समय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे शिग्गांव तालुक के दो ग्रामीणों से ही सेसपिट साफ करवाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि उन्हें बेहतर इलाज और दवाइयां दिलाने का भरोसा दिया गया था।
आरोप के मुताबिक, दोनों मरीजों ने वरिष्ठ नर्स वनिता से संपर्क किया था। उन्हें कथित तौर पर शौचालय की स्थिति देखने और समस्या का कारण पता करने के लिए कहा गया। सेसपिट खोलने पर वह सीवेज और गंदगी से भरा मिला। इसके बाद दोनों मरीजों को बाल्टियां देकर मानव मल और सीवेज बाहर निकालने के लिए कहा गया। अस्पताल परिसर में मरीजों द्वारा गंदगी साफ करने का वीडियो और तस्वीरें 28 अगस्त को स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर लीं, जो बाद में वायरल हो गईं।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने डॉक्टर डॉ. हिरेगोवदार और वरिष्ठ नर्स वनिता को निलंबित कर दिया। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नागराज से घटना की रिपोर्ट भी मांगी है। तहसीलदार रविकुमार नागप्पा कोरावर की शिकायत पर 30 अगस्त को पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013 के तहत भी कार्रवाई की गई है। मामले में सीवर और सेप्टिक टैंक की खतरनाक सफाई तथा नियमों के उल्लंघन से जुड़े प्रावधान लगाए गए हैं।


