पटना
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाली सरकार में कई बड़े और अहम मंत्रालयों का आवंटन होने के बाद नई कैबिनेट की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। सबसे ज्यादा चर्चा निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग मिलने और विजय कुमार सिन्हा को कृषि मंत्रालय सौंपे जाने को लेकर हो रही है। वहीं मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी देकर सरकार ने बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश देने की कोशिश की है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन और सिविल विमानन जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं। इसके अलावा जिन विभागों का अभी आवंटन नहीं हुआ है, उनकी जिम्मेदारी भी फिलहाल मुख्यमंत्री के पास ही रहेगी। सरकार में यह साफ संकेत देने का प्रयास किया गया है कि प्रशासनिक नियंत्रण और फैसलों की कमान सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के हाथ में रहेगी।
नई कैबिनेट में निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग दिए जाने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्वास्थ्य विभाग राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में माना जाता है और आने वाले समय में अस्पतालों, चिकित्सा सुविधाओं और स्वास्थ्य योजनाओं को लेकर उनकी कार्यशैली पर सबकी नजर रहेगी। वहीं विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग की जिम्मेदारी देकर किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संदेश दिया गया है।
मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग सौंपा गया है। अब नई शिक्षा नीति, शिक्षक भर्ती, विद्यालयों की व्यवस्था और शिक्षा सुधार जैसे बड़े मुद्दों पर उनकी भूमिका अहम रहने वाली है। वहीं संजय सिंह टाइगर को उच्च शिक्षा और विधि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां बांटकर व्यवस्था को मजबूत करने की रणनीति अपनाई है।
महिला मंत्रियों को भी सरकार में अहम स्थान दिया गया है। रेणु देवी को आपदा प्रबंधन, श्वेता गुप्ता को समाज कल्याण और सुशी श्रीणी सिंह को खेल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा रमा निवास को पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सौंपा गया है। सरकार ने सामाजिक और जनकल्याण से जुड़े विभाग महिला नेताओं को देकर राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है।
नई कैबिनेट में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण ढांचे पर विशेष फोकस दिखाई दे रहा है। विभागों के बंटवारे के बाद अब जनता और विपक्ष दोनों की नजर नई सरकार के कामकाज और फैसलों पर टिक गई है।


