क्रासर
ब्लॉक प्रमुख ने डीएम से की जांच और कार्रवाई की मांग
शमशाबाद, फर्रुखाबाद। क्षेत्रीय लेखपाल पर रिश्वत लेने के बावजूद पीड़ित महिला को दैवीय आपदा के अंतर्गत मिलने वाला आर्थिक मुआवजा न दिलाने का गंभीर आरोप लगा है। मामले को लेकर ब्लॉक प्रमुख ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर जांच कराते हुए आरोपी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
जानकारी के अनुसार शमशाबाद थाना क्षेत्र के गांव अचानकपुर निवासी सुशीला देवी पत्नी मुलायम सिंह ने आरोप लगाया है कि उनके पति की मौत गंगा में डूबने से हो गई थी, जिसके बाद शासन स्तर से मिलने वाले दैवीय आपदा राहत मुआवजे के लिए क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा पत्रावली तैयार की गई थी। आरोप है कि मुआवजा दिलाने के नाम पर लेखपाल ने पीड़िता के भतीजे से दो हजार रुपये रिश्वत के तौर पर लिए, लेकिन इसके बावजूद आज तक पीड़िता को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल सकी।
बताया गया है कि छह अप्रैल को सुशीला देवी के पति मुलायम सिंह जानवर चराने गए थे। वापस लौटते समय उनकी भैंस गंगा नदी में घुस गई थी। भैंस को बाहर निकालने के प्रयास में वह गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत मामले की जांच क्षेत्रीय लेखपाल रोहित अवस्थी को सौंपी गई थी।
पीड़िता का आरोप है कि जांच के दौरान लेखपाल ने दैवीय आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया और इसके एवज में उसके भतीजे से पेटीएम के माध्यम से दो हजार रुपये ले लिए। महिला का कहना है कि पैसे लेने के बाद भी न तो मुआवजा मिला और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया गया।
पीड़िता के मुताबिक जब उसने कई बार लेखपाल से सहायता राशि दिलाने की बात कही तो कथित रूप से लेखपाल ने कहा कि “दो हजार रुपये देने से मुआवजा नहीं मिलता।” इस जवाब के बाद महिला पूरी तरह निराश हो गई। कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला।
आखिरकार पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत लेकर ब्लॉक प्रमुख सुषमा राजपूत से मुलाकात की और पूरी घटना से अवगत कराया। मामले को गंभीरता से लेते हुए ब्लॉक प्रमुख ने जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में आरोपित लेखपाल रोहित अवस्थी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।
ब्लॉक प्रमुख का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है। गरीब और पीड़ित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बजाय उनसे रिश्वत लेना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रिश्वत लेने के बाद भी नहीं मिला आपदा मुआवजा, लेखपाल पर गंभीर आरोप


