लखनऊ। जूनियर इंजीनियर जेई भर्ती को लेकर चल रहे विवाद पर आखिरकार हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा और स्पष्ट फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस भर्ती प्रक्रिया में सिर्फ डिप्लोमा धारक ही पात्र होंगे, जबकि डिग्री होल्डर्स को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह फैसला उस याचिका पर आया जिसमें डिग्रीधारकों ने भी भर्ती में शामिल होने की मांग की थी। लेकिन अदालत ने याचिका खारिज करते हुए भर्ती नियमों को बरकरार रखा, जिससे हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर सीधा असर पड़ा है।
बताया जा रहा है कि यह भर्ती प्रक्रिया 4612 पदों के लिए चल रही है और इसकी लिखित परीक्षा 3 मई को प्रस्तावित है। कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब परीक्षा को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, भर्ती नियमों में पहले से ही डिप्लोमा को अनिवार्य योग्यता माना गया था, जिसे चुनौती दी गई थी। लेकिन अदालत ने नियमों को वैध ठहराते हुए साफ कर दिया कि भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है।
इस फैसले के बाद जहां डिप्लोमा धारकों में राहत और उत्साह का माहौल है, वहीं डिग्रीधारकों के बीच निराशा देखी जा रही है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या भविष्य में भर्ती नियमों में बदलाव होगा या डिग्रीधारकों के लिए अलग अवसर सृजित किए जाएंगे। फिलहाल, 3 मई की परीक्षा अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होने की राह पर है।
जेई भर्ती में डिप्लोमा ही ‘पासपोर्ट’, डिग्री होल्डर्स बाहर—हाईकोर्ट का कड़ा रुख


