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Thursday, September 17, 2026

नई UPI MDR व्यवस्था पर CCI से जांच की मांग

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*लखनऊ।* आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने निर्दिष्ट यूपीआई व्यापारी लेन-देन पर लागू नई व्यापारी छूट दर व्यवस्था के प्रतिस्पर्धात्मक प्रभावों की जांच के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया है।
आवेदन में मुख्य प्रश्न यह उठाया गया है कि इस नई व्यवस्था के आर्थिक प्रभाव क्या होंगे तथा इससे उत्पन्न होने वाले संभावित बड़े राजस्व का वितरण किस प्रकार होगा।

आवेदन में कहा गया है कि उद्योग विश्लेषणों के अनुसार नई एमडीआर व्यवस्था से वित्त वर्ष 2028 तक 16,000–20,600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का नया राजस्व बन सकता है, जबकि एक अनुमान में यह राशि 27,000 करोड़ रुपये तक बताई गई है।

आवेदन में प्रकाशित विश्लेषणों का हवाला देते हुए यस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, इंडसइंड बैंक, फोनपे, गूगल पे और पेटीएम को संभावित प्रमुख लाभार्थियों के रूप में चिन्हित किया गया है। साथ ही यह चिंता भी सामने आई है कि इससे बड़े यूपीआई मंचों की स्थिति छोटे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में और मजबूत हो सकती है।

अमिताभ ठाकुर ने सीसीआई से यह जांच करने का अनुरोध किया है कि इस धन का लाभ किसे मिलेगा, इसका वितरण कैसे होगा और क्या नई व्यवस्था से प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

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