29 C
Lucknow
Saturday, September 5, 2026

जातीय जनगणना पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, ‘समाज का एक्सरे’ या सरकार की अनदेखी?

Must read

लखनऊ: जातीय जनगणना को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग (All India Congress Committee Backward Classes Department) के राष्ट्रीय चेयरमैन डॉ. अनिल जयहिन्द (Dr. Anil Jaihind) ने इसे देश के सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय नेता प्रतिपक्ष लगातार जातीय जनगणना की मांग उठा रहे हैं।

शनिवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान डॉ. अनिल जयहिन्द ने कहा कि देश की पुरानी सामाजिक व्यवस्था बेहद क्रूर थी। दलित और पिछड़ी जातियों के लोगों को जन्म के आधार पर ही काम निर्धारित कर दिया जाता था। इसी व्यवस्था के कारण 90 प्रतिशत समाज के लोग कमजोर हुए। उन्होंने कहा कि आज भी देश के प्रमुख पावर सेंटर में पिछड़े समाज की पर्याप्त भागीदारी नहीं है।

इस दौरान उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और बड़ी कंपनियों में एससी, एसटी और ओबीसी समाज की भागीदारी का सवाल उठाते हुए कहा कि देश की बड़ी कंपनियों में भी इन वर्गों के लोग पर्याप्त संख्या में नजर नहीं आते। उन्होंने कहा कि कौन सा समाज कहां कमजोर है और किस जाति की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति क्या है, यह जानने के लिए जातीय जनगणना जरूरी है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी लगातार जातीय जनगणना को समाज का एक्सरे बताते रहे हैं। उन्होंने तेलंगाना में कांग्रेस सरकार की ओर से कराए गए जातीय सर्वे का भी उल्लेख किया। डॉ. जयहिन्द ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार ओबीसी समाज के साथ ‘चीटिंग’ कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए सरकार को मनुवादी सरकार करार दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद को ओबीसी बताते हैं, लेकिन उनकी सरकार की नीतियां ओबीसी समाज के हित में नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि जातीय जनगणना में जातियों से संबंधित आंकड़ों को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। डॉ. जयहिन्द ने कहा कि कांग्रेस ओबीसी समाज के लिए संघर्ष करने वाले संगठनों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन करेगी और जातीय जनगणना की मांग को मजबूती से उठाएगी।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में जातीय जनगणना कराए जाने की बात कह चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि जनगणना को लेकर जारी दूसरे नोटिफिकेशन में एससी और एसटी के लिए कॉलम रखा गया है, लेकिन ओबीसी के लिए अलग कॉलम नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जनगणना के दूसरे नोटिफिकेशन में जाति का कॉलम भी शामिल किया जाए, ताकि देश में विभिन्न सामाजिक वर्गों की वास्तविक स्थिति का आंकलन हो सके।

 

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article