जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu and Kashmir Police) और CRPF के संयुक्त ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का पाकिस्तानी आतंकी (Pakistani terrorist) यासिर उर्फ अबु तल्हा मारा गया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यासिर लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था और कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा रहा।
सुरक्षाबलों को आतंकियों के एक संदिग्ध समूह के पुलवामा के पाखेरपोरा से बडगाम के यूसमर्ग की ओर बढ़ने की सूचना मिली थी। इसके बाद अशदार गली के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। खुफिया इनपुट के आधार पर सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें यासिर को ढेर कर दिया गया। इलाके में ऑपरेशन जारी है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कार्रवाई के बाद कहा, “तुम भाग सकते हो, छिप नहीं सकते।”
यासिर की तस्वीर पहली बार पहलगाम आतंकी हमले के दौरान सामने आई थी। एक तस्वीर में चार आतंकियों को देखा गया था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इनमें से दो आतंकी पहले ही मारे जा चुके हैं, जबकि अब यासिर भी ढेर हो गया है। इस चार सदस्यीय ग्रुप में अब केवल हाशिम मूसा के सक्रिय होने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, यासिर, सुलेमान और हाशिम मूसा के नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच से भी जुड़े रहे हैं।
एजेंसियों के मुताबिक, यासिर मई 2024 में पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हुए हमले में भी शामिल था। इस हमले में एक जवान शहीद हुआ था। इसके अलावा उसका कनेक्शन 21 दिसंबर 2023 के डेरा की गली (DKG) एंबुश से भी बताया गया है, जिसमें आतंकियों के हमले में सेना के चार जवान शहीद हुए थे।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यासिर 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय LeT के चार सदस्यीय समूह का हिस्सा था। इस ग्रुप में जुनैद रमजान, सुलेमान, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे। जुनैद रमजान और सुलेमान पहले ही मारे जा चुके हैं। यासिर के मारे जाने के बाद हाशिम मूसा इस ग्रुप का एकमात्र सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।


