नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल, डीजल, खाद्य तेल और अन्य वस्तुओं की खपत कम करने की अपील पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने इसे सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि जनता पर बोझ डालकर केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनता को यह बताना कि क्या खरीदना है और क्या नहीं, सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया गया है जहां आम लोगों से त्याग की अपील की जा रही है, जबकि सरकार खुद जवाबदेही से बच रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि “गरीबी में आटा गीला” जैसी स्थिति में जनता को बचत का पाठ पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव तक सब कुछ सामान्य बताने वाली सरकार अब आर्थिक संकट का बोझ आम लोगों पर डाल रही है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील से यह संकेत मिलता है कि देश की आर्थिक स्थिति सरकार के दावों से कहीं अधिक गंभीर है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से ही पार्टी लगातार अर्थव्यवस्था, रुपये की गिरती कीमत, रसोई गैस, खाद और दवाइयों की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाती रही है, लेकिन सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब हालात बिगड़ने के बाद जनता से खपत कम करने की अपील की जा रही है, जिस पर विपक्ष लगातार सवाल खड़ा कर रहा है।


