गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने लगातार दूसरे दिन देशवासियों से सोने की खरीद कम करने की अपील की। सोमवार को Gujarat में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सोने के आयात पर देश की बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देशहित में हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे ऐसे उत्पादों के उपयोग को कम करें जो विदेशों से आयात किए जाते हैं और उन व्यक्तिगत खर्चों से भी बचें जिनमें विदेशी मुद्रा बाहर जाती है। पीएम मोदी ने कहा, “हमें हर छोटे-बड़े प्रयास के जरिए देश के संसाधनों की रक्षा करनी है। आज आवश्यकता है कि हम मिलकर विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाले दबाव को कम करें।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब-जब देश युद्ध, संकट या चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से गुजरा है, तब नागरिकों ने सरकार की अपील पर जिम्मेदारी निभाई है। प्रधानमंत्री के अनुसार, मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भी देशवासियों को आर्थिक अनुशासन और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देनी चाहिए। इससे पहले रविवार को भी प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और उसके वैश्विक आर्थिक प्रभावों का जिक्र करते हुए विदेशी मुद्रा संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया था। उस दौरान भी उन्होंने सोने की खरीद से बचने की अपील की थी। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता और बढ़ते आयात बिल को लेकर सरकार सतर्क नजर आ रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम में देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और अधिक से अधिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, ताकि ईंधन की बचत हो और देश पर आयात का बोझ कम पड़े। प्रधानमंत्री ने सरकारी और निजी कार्यालयों से भी वर्चुअल मीटिंग तथा वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक हालातों के बीच ऊर्जा संरक्षण और आत्मनिर्भरता देश की बड़ी आवश्यकता बन गई है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को खाने के तेल के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। उन्होंने लोगों से स्थानीय उत्पादों को अपनाने और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत करने की अपील की। उनके अनुसार, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आयात पर निर्भरता कम होगी।
उन्होंने रविवार को तेलंगाना की एक जनसभा में भी वैश्विक संघर्षों और उनके भारत पर पड़ रहे असर का उल्लेख किया था। उन्होंने देशहित में लोगों से एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने की अपील करते हुए कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में आर्थिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
सोमवार को PM मोदी गुजरात के वडोदरा पहुंचे, जहां उन्होंने अनखोल क्षेत्र में Sardardham प्रोजेक्ट से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान 150 करोड़ रुपये की लागत से बने “डॉक्टर दुष्यंत और दक्षा पटेल छात्रालय” का भी लोकार्पण किया गया। यह छात्रावास लगभग 2,000 छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन किसी पुण्य पर्व से कम नहीं है। उन्होंने Somnath Temple की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर मनाए जा रहे “सोमनाथ अमृत महोत्सव” का भी उल्लेख किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि इन नतीजों ने देशभर में नया उत्साह पैदा किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात ने हमेशा राजनीतिक स्थिरता और विकास को प्राथमिकता दी है, जो राज्य की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार रहा है।


