फर्रुखाबाद। जनपद के एआरटीओ कार्यालय में प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं। एआरटीओ प्रशासन कृष्ण कुमार यादव पर आरोप है कि वह फरियादियों की शिकायतें सुनते समय खुद कुर्सी पर बैठे रहते हैं, जबकि आम लोगों को जमीन पर बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कार्यालय में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोग घंटों इंतजार करने के बाद जब अपनी फरियाद लेकर अधिकारी के सामने पहुंचे, तो उन्हें बैठने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं दी गई। मजबूरन फरियादियों को जमीन पर बैठकर अपनी बात रखनी पड़ी।
इस दौरान का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या सरकारी कार्यालयों में आम जनता के साथ इस तरह का व्यवहार उचित है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह न केवल प्रशासनिक असंवेदनशीलता का उदाहरण है, बल्कि जनता के सम्मान के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए और कार्यालय में बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल, इस मामले में संबंधित अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
फर्रुखाबाद एआरटीओ कार्यालय में फरियादियों का अपमान? जमीन पर बैठाकर सुनी जा रही शिकायतें


