– 114 शिकायतें, मौके पर निस्तारण
– लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी को किया सस्पेंड
– दो टूक “लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
फर्रुखाबाद। तहसील अमृतपुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने साफ कहा जनता की समस्या पर ढिलाई अब नहीं चलेगी। समाधान दिवस के दौरान कुल 114 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें सबसे ज्यादा राजस्व विभाग की 48, पुलिस की 22, विकास की 18, खाद्य एवं रसद की 5 और विद्युत विभाग की 3 शिकायतें शामिल रहीं। मौके पर 2 शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया, जबकि 5 गंभीर मामलों में उसी दिन शाम तक जांच रिपोर्ट तलब कर ली गई। लापरवाही के मामले में दो पर सस्पेंशन की गाज गिरा दी।
कार्यक्रम के दौरान डीएम ने लापरवाही पर सीधा एक्शन लेते हुए लेखपाल उत्कर्ष दुबे और ग्राम विकास अधिकारी मानेंद्र सिंह को निलंबित करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि अब फाइलों में उलझाकर शिकायतों को टालने का दौर खत्म किया जा रहा है।
डीएम ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण समयसीमा के भीतर, प्राथमिकता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता को तुरंत राहत और न्याय देने का प्लेटफॉर्म है। इसलिए हर अधिकारी जिम्मेदारी के साथ काम करे और शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान मिले।
इसके साथ ही पारदर्शिता पर जोर देते हुए निर्देश दिए गए कि हर शिकायत की मॉनिटरिंग हो, लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जाए।
कार्यक्रम में जनकल्याण की झलक भी दिखी, जब डीएम ने मौके पर ही 3 लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनवाकर वितरित किए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचा। समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और उपजिलाधिकारी अमृतपुर समेत सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।


