लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख का असर पूरे उत्तर प्रदेश में दिखाई देने लगा है। प्रदेशभर में प्रशासन, फायर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें कोचिंग सेंटरों, शिक्षण संस्थानों और बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। कार्रवाई के दौरान कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अन्य गंभीर खामियां सामने आई हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शहर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान सात कोचिंग सेंटर बंद मिले। वहीं देश के बड़े कोचिंग संस्थानों में शामिल आकाश एजुकेशन और एबीसी इंस्टीट्यूट में भी कई कमियां पाई गईं। निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्ग, सुरक्षा प्रबंधन और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई।
सिटी मजिस्ट्रेट, फायर विभाग और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त टीम ने संस्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में जहां भी सुरक्षा मानकों की कमी मिली, वहां संचालकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लखनऊ अग्निकांड में हुई जनहानि के बाद सरकार अब किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही अवैध निर्माणों, फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच के निर्देश दे चुके हैं। इसी के तहत प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं पाई जाएंगी, उनके खिलाफ सीलिंग, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है। वहीं जिन संस्थानों में कमियां मिली हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
अलीगंज अग्निकांड के बाद शुरू हुई इस कार्रवाई ने कोचिंग संचालकों और भवन मालिकों में हड़कंप मचा दिया है।


