बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सोमवार को बाराबंकी (Barabanki) में 542 करोड़ से अधिक लागत की 82 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और देश की विरासत की रक्षा ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “सनातन सुरक्षित है तो हम सब सुरक्षित हैं, अगर सनातन पर कोई खतरा आएगा तो कोई भी सुरक्षित नहीं रह पाएगा।”
मुख्यमंत्री ने भगवान लोधेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद कहा कि आजादी के बाद भी प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की उपेक्षा की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल के लिए तो धनराशि उपलब्ध कराई, लेकिन लोधेश्वर महादेव मंदिर, पारिजात वृक्ष और हॉकी के महान खिलाड़ी केडी सिंह बाबू की विरासत के संरक्षण के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने घोषणा की कि लोधेश्वर महादेव मंदिर के भव्य कॉरिडोर निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है, जिसका विकास काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर किया जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि राजा बलभद्र सिंह, महाराजा बिजली पासी, महाराजा लाखन पासी, महाराजा सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह जैसे महापुरुषों ने देश और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनकी विरासत का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान धार्मिक आयोजनों और हिंदू पर्व-त्योहारों पर प्रतिबंध लगाए जाते थे, जबकि कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बदहाल थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में कट्टे और बम बनाए जाते थे, जबकि आज उत्तर प्रदेश रक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) परियोजना की लागत कई गुना बढ़ गई, फिर भी वह अधूरी रही। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण में उनकी सरकार ने पूर्व निर्धारित लागत से हजारों करोड़ रुपये की बचत करते हुए परियोजना को पूरा कराया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास, विरासत संरक्षण और सुशासन को साथ लेकर आगे बढ़ने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी विकास परियोजनाओं को भी गति दे रही है।


