एटा
जनपद के मिरहची थाना क्षेत्र अंतर्गत गढ़िया गांव में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ के बाद तनाव का माहौल बन गया। इस मामले में पहले अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई जब कुछ लोगों ने दलित समुदाय के लोगों के साथ मारपीट कर दी। पुलिस ने पूरे मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन लोगों के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया है।
घटना 24 अप्रैल की बताई जा रही है, जब गांव में एक बारात आई हुई थी। इसी दौरान कुछ शरारती तत्व आंबेडकर पार्क में पहुंचे और वहां स्थापित संविधान निर्माता की प्रतिमा के चेहरे को खरोंचकर उसे क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया। इस घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया, विशेषकर दलित समुदाय के लोगों में गहरी नाराजगी देखी गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मिरहची थानाध्यक्ष नीतू वर्मा ने तत्परता दिखाते हुए स्वयं के खर्च पर प्रतिमा की रंगाई-पुताई कराकर उसे पुनः ठीक कराया, जिससे माहौल को शांत करने का प्रयास किया गया। वहीं पीड़ित दलित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
लेकिन शुक्रवार को मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया, जब मुकदमा दर्ज होने से नाराज कुछ दबंग किस्म के लोगों ने दोबारा आंबेडकर पार्क के गेट को तोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान गांव निवासी संतोष के पुत्र अभिषेक जाटव ने जब इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए उसके साथ मारपीट कर दी। इस घटना से गांव में एक बार फिर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पीड़ित अभिषेक जाटव की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।


