CATEGORY
अपराध की कोई जात नहीं होती —सिर्फ पुलिस नहीं, समाज को भी उठाना होगा ज़िम्मेदारी का बोझ
न्याय की राह के दो प्रहरी : वकील और पुलिस ही हैं कानून की असली ताकत
पावर और पद का नशा और न्याय का पहिया : सत्य दब सकता है, मिट नहीं सकता
“दवा में लापरवाही नहीं, जिम्मेदारी चाहिए”
“कानून के मंदिर में अब नहीं चलेगा छल—योगी सरकार की सख्ती से टूटेगा अपराध और प्रभाव का गठजोड़”
आईआरसीटीसी घोटाला: सत्ता, भ्रष्टाचार और न्याय का संग्राम