मोहम्मदाबाद। भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था एक बार फिर लड़खड़ा गई। गैसिंगपुर बिजली उपकेंद्र को सप्लाई देने वाली 33 केवी लाइन में तकनीकी खराबी आने से गैसिंगपुर और नौगवां उपकेंद्रों की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इसके चलते करीब 160 गांवों की बिजली लगभग 13 घंटे तक बाधित रही, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बताया गया कि निसाई गांव के पास स्थित 220 केवी उपकेंद्र क्षेत्र में अचानक झाड़ियों में आग लग गई। आग की चपेट में आने से अंडरग्राउंड केबल के समीप गुजर रही 33 केवी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। लाइन में फॉल्ट आते ही गैसिंगपुर और नौगवां उपकेंद्रों की सप्लाई बंद हो गई और आसपास के गांव अंधेरे में डूब गए।
बिजली आपूर्ति ठप होते ही ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। उमस भरी गर्मी में लोगों का घरों में रुकना मुश्किल हो गया। रातभर बिजली न आने से पंखे और कूलर बंद पड़े रहे। लंबे समय तक कटौती होने से घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।
गैसिंगपुर उपकेंद्र से जुड़े निसाई, मुड़गांव, गैसिंगपुर, कुरेली, मतापुर, ऊगरपुर समेत दर्जनों गांव प्रभावित रहे, जबकि नौगवां उपकेंद्र से जुड़े नसरतपुर, बहादुरपुर, नगरिया, करीमनगर, देवधरापुर और टांडा बहरामपुर सहित बड़ी संख्या में गांवों की बिजली गुल रही। बताया जा रहा है कि करीब 80 हजार से अधिक उपभोक्ता इस संकट से प्रभावित हुए।
उधर सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रातभर मरम्मत कार्य में जुटी रही। कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त केबल को बदलने और लाइन को दुरुस्त करने का प्रयास किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद गुरुवार सुबह आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल हो सकी।
ग्रामीणों ने लगातार हो रही बिजली कटौती पर नाराजगी जताते हुए विभाग से व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।
33 केवी लाइन में फॉल्ट से अंधेरे में डूबे 160 गांव, रातभर गर्मी से बिलबिलाए लोग


